कंप्यूटर इंजीनियर (Computer Engineer) कैसे बने

कंप्यूटर इंजीनियर (Computer Engineer) कैसे बने

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लाइफ में इंजिनियर बनना हर किसी की बात नहीं है लेकिन नामुमकिन भी कुछ नहीं अगर आप मेहनत और लगन क साथ कुछ बनना चाहते है और उसी दिशा में जाना चाहते है तो कोई आपको रोक नहीं सकता अब ऐसे में इंजीनियरिंग की पढाई में भी कई सारे अलग अलग इंजीनियरिंग कोर्स होते है किसी का इंटरेस्ट सिविल इंजिनियर (Civil Engineer) बन्ने में होता है तो कुछ का सॉफ्टवेर इंजिनियर और कुछ का कंप्यूटर इंजीनियर बन्ने में तो आज के हम इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की अगर आपकी रूचि कंप्यूटर इंजीनियरिंग (Computer Engineering) में है और आप एक कंप्यूटर इंजिनियर बनना चाहते तो हम आपको बताएँगे की कैसे आप  एक   सफल कंप्यूटर इंजिनियर (Computer Engineer) बन सकते है (How to become a computer engineer information in hindi) हाउ टो बेकोमे अ  कंप्यूटर इंजीनियर पूरी जानकारी हिंदी में.

कंप्यूटर इंजीनियरिंग एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग (Electronic Engineering) और कंप्यूटर साइंस (Computer Science) का कॉम्बिनेशन होता है जिसका फोकस कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेर पार्ट को डिजाईन करने में इस्तेमाल किया जाता है अगर आपको एक कंप्यूटर बनाना है तो ऐसे में आपको इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का ज्ञान होना बेहद जरुरी है इसके अलावा और कई सारी चीज़े होती है एक कंप्यूटर इंजीनियर बन्ने के लिए आइये जान लेते है की कैसे आप एक कंप्यूटर इंजीनियर (Computer Engineer) बन सकते है.

computer engineer
pic: Pixabay

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स की पूरी जानकारी  (Computer Engineering course details in hindi

कंप्यूटर दो चीजों से मिलकर बनता है एक सॉफ्टवेर (Software) और दूसरा हार्डवेयर (Hardware) पार्ट तो आप एक कंप्यूटर इंजिनियर बन्ने के लिए इन दोनों में से एक में स्पेसीलायिजेसन (specialization) कर सकते है तो आइये जान लेते है सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग और हार्डवेयर इंजीनियरिंग में क्या फर्क है

सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग (Software Engineering) 

सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग में आपको सॉफ्टवेर डेवेलोप करना होता है एक सॉफ्टवेर इंजीनियर का का सॉफ्टवेर को बनाना , डिजाईन करना और टेस्ट करना होता है सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग में आपको कोड लिखना होता है एक एप्लीकेशन या फिर सॉफ्टवेर बनाने के लिए.

हार्डवेयर इंजीनियरिंग (Hardware Engineering) :

हार्डवेयर इंजीनियरिंग में आपको कंप्यूटर के सभी तरह के पार्ट्स जैसे की माउस (Mouse) , कीबोर्ड (Keyboard), सीपीयू (CPU) , मदरबोर्ड (Motherboard) इत्यादि के बारे रिसर्च करना , डिजाईन करना , डेवेलोप करना ,और टेस्ट करना , नेटवर्किंग इत्यादि का काम होता है

कंप्यूटर इंजीनियर बन्ने के लिए योग्यता (Educational Qualification required for studying Computer Engineering)

  • 12वी पास होना चाहिए साइंस सब्जेक्ट से मैथ्स के साथ
  • 60% मार्क्स फॉर एंट्रेंस एग्जाम

कंप्यूटर इंजीनियर (Computer Engineer) कैसे बने ? (How to become a computer engineer information in hindi)

 1. 12वी पास करे साइंस सब्जेक्ट से

अगर आपको एक कंप्यूटर इंजीनियर बनना है चाहे वो सॉफ्टवेर पार्ट में हो या फिर हार्डवेयर पार्ट में सबसे पहले आपको 12वी क्लास पास करना होगा साइंस सब्जेक्ट के साथ ध्यान रहे आपके पास 12वी में मैथ्स (Maths) सब्जेक्ट होना बेहद जरुरी है इसके साथ ही आपके 12वी में कम से कम 60% मार्क्स होना चाहिए

  • 11th में साइंस सब्जेक्ट चुने मैथ्स के साथ
  • 12वी पास करे
  • 12वी में कम से कम 60% मार्क्स के साथ पास करे
 2. एंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई कर और क्लियर करे

12th के फाइनल फाइनल एग्जाम के समय आपको कंप्यूटर इंजीनियरिंग (Computer Engineer) बन्ने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम भरने होंगे और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (Computer science engineering) जिसे हम सीएस (CS) भी कहते है सब्जेक्ट को चुनना होगा और इस एग्जाम को क्लियर करना होगा तभी आपको किसी कॉलेज में एडमिशन मिलेगा जहा से आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढाई पूरी कर सकते है इंडिया में कई सरे एग्जाम है जैसे की बीटेक (B.Tech) आईआईटी (IIT) , AIEEE ये आल इंडिया लेवल के एग्जाम है जहा से आप इंजीनियरिंग पूरी कर सकते है तो नीचे कुछ इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की लिस्ट दी गयी है इन एक्साम्स को क्लियर करके आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढाई कर सकते है

  • All India Engineering Entrance Exams (AIEEE)
  • BITSAT
  • COMEDK Undergraduate Entrance Test
  • Delhi University Combined Entrance Examination
  • EAMCET (Engineering, Agriculture and Medicine Common Entrance Test)
  • Goa Common Entrance Test (CET)
  • Indian Institute of Technology Joint Entrance Exam (IIT JEE)
  • Kerala Law Entrance Examination (KLEE)
  • Orissa Joint Entrance Exam (JEE)
  • SRM University Engineering Entrance Exam
 3. काउंसलिंग करे और कॉलेज का चुनाव करे

जैसे ही आप एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करलेंगे इसके बाद अब आपको कॉलेज में एडमिशन के लिए काउंसलिंग करनी होगी जिसमे आपको आपके मार्क्स यानि रैंक के हिसाब से कॉलेज दिया जाता है जितने अच्छे आपके मार्क्स होंगे उतना ही बढ़िया आपको कॉलेज मिलेगा

 4. कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करे

जैसे ही आप एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करलेते है इसके बाद आप कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन ले सकते है और अपने कंप्यूटर इंजिनियर (Computer Engineer) की पढाई कर सकते है ये कोर्स पुरे 4 साल का होता है यानि आपको 4 साल तक पढाई करनी होगी कंप्यूटर इंजिनियर बन्ने के लिए

तो जैसे ही आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढाई पूरी 4 साल करने के बाद आप एक कंप्यूटर इंजीनियर कहलायेंगे इसके बाद अगर आप कंप्यूटर में मास्टर डिग्री यानि स्पेसिलिस्ट बनना चाहते है तो इसके लिए आपको M.Tech जैसे कोर्स के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होगा और इसे क्लियर करना होगा

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